प्रयोगात्मक गतिविधियों से विज्ञान सीखने की नई पहल

शिक्षा डेस्क

एंजेल एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को किताबों से आगे बढ़कर विज्ञान को समझाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। 23 दिसंबर 2025 को स्कूल की कॉम्पोज़िट लैब में कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की प्रयोगात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह और जिज्ञासा के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भोजन में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की जानकारी केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि प्रयोग के माध्यम से देना था। पहली गतिविधि में छात्रों ने आलू और पके हुए चावल पर आयोडीन घोल डालकर स्टार्च की पहचान की। रंग के नीला-काला होते ही विद्यार्थियों ने स्टार्च की उपस्थिति को स्वयं देखा और समझा।

दूसरी गतिविधि में दूध और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों में प्रोटीन की जांच कराई गई। इसके लिए कॉपर सल्फेट और सोडियम हाइड्रॉक्साइड का उपयोग किया गया। घोल डालते ही बैंगनी रंग बनने पर विद्यार्थियों में उत्सुकता और आनंद साफ दिखाई दिया।

इस पूरी गतिविधि का सफल संचालन विज्ञान शिक्षक दीपांशु रौतेला ने किया। उन्होंने प्रत्येक प्रयोग को सरल भाषा में समझाते हुए बच्चों को प्रयोग की विधि, सावधानियां और उसके वैज्ञानिक कारणों से अवगत कराया। दीपांशु रौतेला ने बताया कि प्रयोगात्मक शिक्षा से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है और वे विषय को लंबे समय तक याद रख पाते हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षक दीपांशु रौतेला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयोगात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।

 

Rajat Awasthi

यह platform उन लोगों के लिए है जो 👉 सिर्फ “क्या हुआ” नहीं, “क्यों हुआ” भी जानना चाहते हैं 👉 और वो भी fast + clear + no bakwaas style में यहाँ आपको मिलेगा: ⚡ Local से लेकर national तक की खबर ⚡ Ground reality — बिना filter ⚡ Trending topics का real breakdown हमारा सीधा mantra है 👇 “Fast. Fearless. Fact-based.” 🔥 ना agenda, ना drama — 👉 सिर्फ सच, सबसे पहले और सबसे साफ। अगर आप भी scroll करते-करते कुछ solid और impactful पढ़ना चाहते हो तो welcome है 👇 यहाँ खबर नहीं, power मिलती है।

Related Posts

कहीं बीवी, कहीं लुगाई…एक रिश्ता, सैकड़ों नाम!

कानपुर। भारत जितना बड़ा है, उतनी ही दिलचस्प इसकी भाषाएँ और बोलियाँ हैं। यही वजह है कि एक ही रिश्ता—पत्नी—देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से बुलाया जाता है।…

Read more

Continue reading
मेहनत और हौसले से रचा सफलता का इतिहास: यश पांडेय ने 75% अंक के साथ बढ़ाया कानपुर का मान

कानपुर। कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से अगर कुछ करने का जज्बा हो, तो कोई मंज़िल दूर नहीं रहती। ऐसा ही कर दिखाया है सीवी रमन इंटरनेशनल स्कूल, शताब्दी नगर, पनकी…

Read more

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *