कानपुर। भारत जितना बड़ा है, उतनी ही दिलचस्प इसकी भाषाएँ और बोलियाँ हैं। यही वजह है कि एक ही रिश्ता—पत्नी—देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से बुलाया जाता है। कहीं प्यार झलकता है, कहीं परंपरा और कहीं सम्मान। भाषा बदलते ही संबोधन बदल जाता है, लेकिन रिश्ते की गर्माहट वही रहती है।
भारत में रिश्तों के नाम सिर्फ शब्द नहीं होते, बल्कि उस क्षेत्र की संस्कृति, मानसिकता और भावनाओं की पहचान भी होते हैं। इसी कड़ी में आइए देखते हैं कि देश के हर हिस्से में पत्नी को किस नाम से पुकारा जाता है।
उत्तर भारत में पत्नी के नाम
जम्मू–कश्मीर: यहाँ आम बोलचाल में पत्नी को जनानी कहकर बुलाया जाता है।
हिमाचल प्रदेश: हिमाचली लोग अपनी जीवनसंगिनी को प्यार से लाड़ी कहते हैं।
उत्तराखंड: गढ़वाल में गढ़वाली या ब्यारी शब्द प्रचलित हैं।
पंजाब: पंजाबी में पत्नी को वोहटी/वोट्टी कहा जाता है।
हरियाणा: यहाँ पत्नी को जोरू, लुगाई या बिरबानी जैसे देसी नामों से संबोधित किया जाता है।
राजस्थान: ग्रामीण इलाकों में पत्नी को सबसे ज्यादा लुगाई कहा जाता है।
उत्तर प्रदेश / बिहार: भोजपुरी, मैथिली और अवधी क्षेत्र में पत्नी को मेहरारू कहा जाता है।
पूर्वी भारत में पत्नी को ऐसे बुलाते हैं
बंगाल व त्रिपुरा: यहाँ पत्नी को बोउ कहकर पुकारना आम है।
ओडिशा: पति अपनी जीवनसंगिनी को भार्या कहते हैं, जो संस्कृत से लिया गया है।
असम: असमी समाज में स्त्री या पत्नी ही प्रमुख संबोधन है।
मिजोरम: यहाँ पत्नी को नुपुइते कहा जाता है।
मणिपुर: मणिपुरी में पत्नी का संबोधन नूपी होता है।
पश्चिम भारत के संबोधन
गुजरात: पत्नी को अक्सर घरनी या धर्मपत्नी कहा जाता है।
महाराष्ट्र: मराठी में पत्नी को बायको या सौभाग्यवती कहा जाता है।
गोवा: कोंकणी भाषा में पत्नी को बेल (Bail) कहा जाता है।
दक्षिण भारत में पत्नी के नाम
कर्नाटक: यहाँ कन्नड़ में पत्नी को हेण्डति/हेण्डठी कहा जाता है।
आंध्र प्रदेश व तेलंगाना: तेलुगु में पत्नी का संबोधन भार्या या इलालू होता है।
तमिलनाडु: तमिल में पत्नी को मनैवि कहा जाता है।
केरल: मलयालम में पत्नी के लिए भी भार्या शब्द का प्रयोग होता है।
उर्दू भाषी क्षेत्रों में
जहाँ उर्दू बोली जाती है, वहाँ पत्नी को बेगम कहने का चलन है। यह शब्द नवाबी संस्कृति का हिस्सा है और इसमें सम्मान और अपनापन दोनों जुड़ा है। कॉन्सेप्ट पिक्चर