अयोध्या में 25 नवंबर को होगा ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह, पीएम मोदी होंगे मुख्य अतिथि

Ayodhya/Rishabh Tiwari

Uttar Pradesh: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने के लिए तैयार है। 25 नवंबर को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के स्वर्ण शिखर पर भव्य ध्वजारोहण किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, यह कार्यक्रम धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

शुभ तिथि और मुहूर्त का विशेष महत्व

यह समारोह विवाह पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों द्वारा इस आयोजन के लिए अभिजीत मुहूर्त (लगभग सुबह 11:45 से दोपहर 12:29 बजे तक) को शुभ माना गया है।

हजारों मेहमानों की होगी मौजूदगी

समारोह में देश-विदेश से करीब 8,000 से 10,000 विशेष अतिथियों के पहुंचने की संभावना है। बीते 20 नवंबर से ही वैदिक अनुष्ठानों की श्रृंखला शुरू हो चुकी है। पहले दिन सरयू नदी से पवित्र जल लाकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 551 कलशों का उपयोग किया गया। इसी जल से मंदिर में विशेष अभिषेक किया जाएगा।

वहीं, श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यापक तैयारी की गई है। ट्रस्ट द्वारा करीब 500 किलो लड्डू तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें पहले रामलला को अर्पित किया जाएगा और फिर श्रद्धालुओं में बांटा जाएगा।

सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम

कार्यक्रम को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 6,000 से अधिक आमंत्रित मेहमानों के लिए GPS आधारित पार्किंग व्यवस्था और आधुनिक यातायात प्रबंधन लागू किया गया है।

साथ ही, अतिथियों की सुविधा के लिए रंग-कोडेड बैठने की व्यवस्था की गई है। अवध, बनारस, गोरखपुर, कानपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रंग और सेक्टर तय किए गए हैं, जिन्हें “ऋषि ब्लॉक्स” का नाम दिया गया है।

अयोध्या के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

इस ऐतिहासिक आयोजन से अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को एक नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है। मंदिर दर्शन के लिए बढ़ती भीड़ के चलते शहर में कई नए होटल, धर्मशालाएं और सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापार, होटल, रेस्टोरेंट और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को मिल रहा है।

ट्रस्ट के अनुसार, अब तक मंदिर से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर करीब ₹2,150 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, जो अयोध्या को एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

निर्माण कार्य लगभग पूर्ण

राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर परिसर की सहायक इमारतें भी बनकर तैयार हैं। अब ट्रस्ट का फोकस लैंडस्केपिंग, पौधारोपण और उप-मंदिरों की सजावट पर है, जिससे परिसर और अधिक भव्य और आकर्षक बन सके।

Related Posts

Ayodhya News: प्रधानाचार्य परिषद ने बच्चों के लिए की अवकाश की मांग

Ayodhya News: अयोध्या में प्रधानाचार्य परिषद के जिला अध्यक्ष संजीव चतुर्वेदी तथा जिला मंत्री देवब्रत सिंह ने शासन तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि विगत 5 दिनों से…

Read more

Continue reading
500 वर्षों में साम्राज्य बदले, पीढ़ियां बदलीं, लेकिन आस्था अडिग रही: सीएम योगी

Ayodhya/Rishabh Tiwari Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने ध्वजारोहण समारोह में अपनी बातों का आगाज सियावर रामचंद्र भगवान, माता जानकी, सरयू मैया की जय, भारत माता की जय…

Read more

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *